क्या आपके साथ कभी ऐसा हुआ है?
आप कुछ देर बैठे या लेटे रहे, फिर अचानक खड़े हुए—और कुछ सेकंड के लिए चक्कर आया, आँखों के सामने अंधेरा-सा छाया या ऐसा लगा जैसे शरीर संभल नहीं रहा?
अक्सर यह अनुभव कुछ ही पलों में ठीक हो जाता है। लेकिन आखिर ऐसा होता क्यों है?
इसके पीछे क्या होता है?
जब आप अचानक खड़े होते हैं, तो गुरुत्वाकर्षण के कारण शरीर के निचले हिस्से, खासकर पैरों और पेट के आसपास, कुछ मात्रा में रक्त जमा हो जाता है। इससे कुछ समय के लिए हृदय की ओर लौटने वाला रक्त कम हो सकता है और रक्तचाप गिर सकता है।
आमतौर पर शरीर तुरंत इसका जवाब देता है। रक्त वाहिकाएँ सिकुड़ती हैं और हृदय की धड़कन थोड़ी तेज़ हो जाती है, जिससे रक्तचाप संभलता है और मस्तिष्क तक पर्याप्त रक्त पहुँचता रहता है।
लेकिन अगर शरीर की यह प्रतिक्रिया पर्याप्त तेज़ न हो, तो कुछ समय के लिए चक्कर, कमजोरी, धुंधला दिखाई देना या हल्कापन महसूस हो सकता है। इसे ऑर्थोस्टैटिक हाइपोटेंशन (Orthostatic Hypotension) कहा जाता है।
क्या यह हमेशा किसी बीमारी का संकेत है?
नहीं।
कभी-कभी ऐसा सामान्य कारणों से भी हो सकता है—जैसे शरीर में पानी की कमी, बहुत गर्मी, लंबे समय तक बैठे या लेटे रहना या बीमारी के दौरान कमजोरी।
कुछ दवाएँ भी खड़े होने पर रक्तचाप गिरने की संभावना बढ़ा सकती हैं, खासकर कुछ ऐसी दवाएँ जो हाई ब्लड प्रेशर या हृदय संबंधी समस्याओं के लिए दी जाती हैं।
इसलिए केवल चक्कर आने के आधार पर खुद से किसी बीमारी या कारण का निष्कर्ष निकालना सही नहीं है।
अचानक खड़े होने पर ऐसा क्यों होता है?
सोचिए, आप लंबे समय से बैठे हैं। अब आप अचानक खड़े हो जाते हैं।
शरीर को तुरंत रक्त के प्रवाह को फिर से व्यवस्थित करना पड़ता है। ज्यादातर लोगों में यह बदलाव आसानी से संभल जाता है।
लेकिन कुछ लोगों में रक्तचाप को सामान्य करने में थोड़ा समय लग सकता है। इसी दौरान चक्कर, कमजोरी, धुंधला दिखाई देना या बेहोशी जैसा महसूस हो सकता है।
चक्कर आए तो क्या करें?
सबसे पहले तुरंत बैठ जाएँ या लेट जाएँ। चक्कर को सहन करके खड़े रहने की कोशिश न करें। इससे गिरने और चोट लगने का खतरा बढ़ सकता है।
धीरे-धीरे उठें। अगर आप लेटे हैं, तो पहले बैठें, कुछ क्षण रुकें और फिर धीरे-धीरे खड़े हों।
पर्याप्त पानी पिएँ। शरीर में पानी की कमी होने पर खड़े होते समय चक्कर बढ़ सकता है।
खड़े होने से पहले पैरों को थोड़ा सक्रिय करें। पैरों को हिलाना, पिंडलियों की मांसपेशियों को कसना या कुछ क्षण पैर चलाना कुछ लोगों में मदद कर सकता है।
बहुत गर्म माहौल से बचें। गर्मी और लंबे समय तक खड़े रहने से कुछ लोगों में लक्षण बढ़ सकते हैं।
शराब से बचें या सीमित करें। शराब कुछ लोगों में पानी की कमी और रक्तचाप कम होने की समस्या को बढ़ा सकती है।
क्या नमक ज्यादा खाना चाहिए?
यह सलाह अक्सर सुनने को मिलती है कि चक्कर आने पर नमक बढ़ा देना चाहिए।
लेकिन खुद से नमक की मात्रा बढ़ाना सही नहीं है।
कुछ विशेष परिस्थितियों में डॉक्टर नमक बढ़ाने की सलाह दे सकते हैं, लेकिन हाई ब्लड प्रेशर, हृदय या किडनी से जुड़ी समस्याओं वाले लोगों के लिए ज्यादा नमक नुकसानदायक हो सकता है।
इसलिए नमक बढ़ाने से पहले डॉक्टर की सलाह लेना बेहतर है।
क्या रोज़मर्रा की कुछ आदतें मदद कर सकती हैं?
हाँ।
दिनभर पर्याप्त पानी पीना, लंबे समय तक एक ही जगह बैठे रहने से बचना और अचानक उठने के बजाय धीरे-धीरे स्थिति बदलना उपयोगी हो सकता है।
अगर आपको बार-बार ऐसा होता है, तो यह भी ध्यान दें कि चक्कर कब और किन परिस्थितियों में आता है—जैसे सुबह उठते समय, लंबे समय तक बैठने के बाद, गर्मी में या भोजन के बाद।
यह जानकारी डॉक्टर को संभावित कारण समझने में मदद कर सकती है।
कब इसे नज़रअंदाज़ नहीं करना चाहिए?
अगर खड़े होते समय चक्कर बार-बार आता है, बढ़ रहा है, रोज़मर्रा की जिंदगी प्रभावित कर रहा है या इसका कोई स्पष्ट कारण समझ नहीं आता, तो डॉक्टर से बात करना उचित है।
बार-बार होने वाले चक्कर को केवल “कमज़ोरी” मानकर छोड़ देना सही नहीं है। कुछ दवाएँ और कई स्वास्थ्य स्थितियाँ इसका कारण हो सकती हैं।
अगर कभी बेहोशी हो जाए, तो इसे भी गंभीरता से लें।
और अगर चक्कर के साथ सीने में दर्द, सांस लेने में परेशानी, बहुत तेज़ या अनियमित धड़कन, बोलने में परेशानी, शरीर के किसी हिस्से में कमजोरी या अचानक तेज़ सिरदर्द जैसे लक्षण हों, तो तुरंत चिकित्सा सहायता लें।
एक छोटी-सी आदत, बड़ा फर्क
हर बार खड़े होते समय चक्कर आने का मतलब गंभीर समस्या नहीं होता।
लेकिन शरीर के संकेतों को समझना और बार-बार होने वाले लक्षणों को नज़रअंदाज़ न करना समझदारी है।
अगली बार कुर्सी या बिस्तर से उठते समय थोड़ा धीरे उठिए।
आपका शरीर स्थिति बदलने के साथ खुद को संभालने में कुछ पल ले सकता है। उसे वे पल दीजिए।
याद रखिए—चक्कर को सिर्फ सहने की बजाय उसके कारण को समझना ज्यादा जरूरी है।
TanManSwasth
YOUR HEALTH. YOUR CHOICE. YOUR JOURNEY.


Very useful information. Thank you for sharing 😊
Thanks